prayers

आत्म शांति प्रार्थना

देवा,ज्या परिस्थितीला मी बदलू शकत नाही,
ती स्वीकारण्यास मनाची प्रसन्नता मला दे.
जी परिस्थिती मी बदलू शकतो,
ती बदलण्याचे धैर्य मला लाभू दे.
आणी अशा परिस्थितीतला भेद,
जाणण्याचे ज्ञान मला दे.

चरित्र दोषों से मुक्ति की प्रार्थना

हे प्रभु ! मेरी इच्छा है कि आप मेरी सभी अच्छाइयों और बुराइयों सहित मुझे स्वीकार कर लो. हे प्रभु आप मेरे समस्त चरित्र दोषों और गुणों को, जो मेरे मित्रों और आपके लिए मुझे अनुपयोगी बना रहे हैं, कृपया निकाल दें. हे प्रभु मुझे शक्ति दे और आशीर्वाद दें कि मैं आपके आदेशों समझ पाऊँ , उसे पूरी ईमानदारी, उमंग और निष्ठा से पूरा कर सकूं.

ज़लन से मुक्ति की प्रार्थना

हे प्रभु ! आप उन लोगों की संपत्ति, प्रतिष्ठा, मान-सम्मान, खुशियां, स्वास्थ्य, ज्ञान, गुण, भाग्य कई गुना बढ़ा दे जिनसे में जलन महसूस करता हूं. हे प्रभु मेरे भाई-बहन, पडोशी, रिश्तेदार और मित्रगण जिनको में जलाने की कोशिश करता हूं उन्हें मुझसे सफल कर . उन्हें सारी खुशियां और स्वास्थ्य दे प्रभु.

भय से मुक्ति की प्रार्थना

हे प्रभु ! मैं जानता हूँ की, आप जो कर रहे हैं या करेंगे वही शुभ है. हे प्रभु मुझे आप पर पूरा भरोसा और विश्वास है. मैं अपने सीमित स्वं की अपेक्षा आपके असीमित स्वं और शक्ति पर भरोसा करता हूं. हे प्रभु आपने जिस कार्य के लिए मुझे बनाया मैं वही कर रहा हूं आपने जिस रूप में मुझे कार्य दिए, मैं वही कार्य कर रहा हूं. सब आपकी मर्जी से हो रहा है, सब आप पर आश्रित है, सब तेरे हुक्म से हो रहा है,तो मुझे घबराने की, संदेह करने की, क्या जरूरत ? हे प्रभु ! मेरे भय को विश्वास में बदल दे. चाहे रोग आए, गरीबी आए, संकट आए महामृत्यु आए, पर आपका साथ मुझसे अलग ना हो. हे प्रभु ! आप जो करना चाह रहे हैं, वही मेरे माध्यम से प्रकट हो रहा है. इसलिए मुझे स्वीकार है, तेरी हर अवस्था, हर कार्य, हर भाव, हर परीक्षा, हर समय, सभी स्थान, सभी लोग या सभी गुण. आज हे प्रभु आपने मेरी विपत्ति को भी शांति में बदल दिया. उसके लिए कोटि कोटि धन्यवाद ! आप पर मेरा विश्वास अटल है. हे प्रभु मुझे बता, आप पर विश्वास को प्रदर्शित करने के लिए मैं क्या करूं?

खुन्नस से मुक्ति की प्रार्थना

हे प्रभु ! मुझे इस बात का भी एहसास दिलाने के लिए धन्यवाद कि जो लोग मुझे गलत समझ रहे हैं या थे, वे शायद मेरी ही, तरह आध्यात्मिक रूप से बीमार हैं या थे, जिनके बीमारी के लक्षण मुझ में खुन्नस और नाराजगी पैदा कर रहे हैं / थे. हे प्रभु ! मुझे यह लोग स्वीकार हैं. और मैं इनके साथ दया, सहनशीलता और सब्र से पेश आऊंगा. हे प्रभु ! जब भी मैं नाराज होऊं, मुझे यह याद दिला कि यह व्यक्ति मेरी ही तरह पीड़ा में है, और मुझे इसकी सहायता करनी चाहिए. हे प्रभु मुझे यह सोच दे कि अगर मैं इसका प्रतिकार करूंगा, इससे बहस करूंगा या इससे लड़ूंगा तो, इसकी सहायता करने का मौका गवा दूंगा, और खुद का पतन कर बैठूंगा. हे प्रभु ! मुझे गुस्से से बचा. हे प्रभु ! मुझे बता की मैं इस वक्त इस व्यक्ति की सहायता में कैसे करूं?

तीसरे कदम की प्रार्थना

हे प्रभु ! मैं स्वयं को तेरे चरणों में अर्पित करता हूं. तू अपनी इच्छा अनुसार मेरा निर्माण कर और स्वंय को मुझको ढाल दे. मुझे मेरे स्वयं से मुक्ति दिला जिससे कि मैं तेरे इच्छा अनुसार कार्य कर सकूं. मेरी कठिनाइयों को हर ले ताकि उन पर होने वाली विजय उन लोगों के लिए गवाह बने जिन्हें मैं तेरी शक्ति, तेरे प्रेम, तेरे जीवन ढंग को समझाने में सहायता करू. मुझे, हमेशा तू अपनी इच्छा को फैलाने की शक्ति दे.